शिमला। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष पद के लिए चयन समिति की ओर से सुझाए गए नामों के पैनल को खारिज करने के राज्य सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया है। अदालत ने सरकार के इस निर्णय को मनमाना और विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत प्राप्त अधिकारों से परे माना है।
न्यायमूर्ति विवेक सिंह ठाकुर और न्यायमूर्ति भूपेश शर्मा की खंडपीठ ने पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ में उप निदेशक (प्रशासन) के पद पर तैनात आईएएस अधिकारी पंकज राय की याचिका स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को 10 नवंबर 2026 तक नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने 16 सितंबर 2025 को पैनल खारिज करने के निर्णय और इसके बाद जारी अधिसूचना को भी रद्द कर दिया।
मामले के अनुसार, राज्य सरकार ने 14 अगस्त 2025 को आयोग के अध्यक्ष पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। इसके लिए कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति वी.के. शर्मा की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने 14 सितंबर 2025 को 12 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया।
चयन प्रक्रिया के दौरान मुख्य सचिव ने स्वयं इस पद के लिए आवेदन करने के कारण समिति से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद दो सदस्यीय समिति ने बिना वरीयता क्रम निर्धारित किए पंकज राय और राजीव सूद के नामों की सर्वसम्मति से सिफारिश की थी।
हालांकि, राज्य सरकार ने 16 सितंबर 2025 को इस पैनल को खारिज कर दिया था। इस फैसले को पंकज राय ने उच्च न्यायालय में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने सरकार के निर्णय को निरस्त करते हुए चयन समिति की ओर से अनुशंसित पैनल के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा में पूरी करने का निर्देश दिया।
रामपुर बुशहर, विशेषर नेगी।
हिमाचल हाईकोर्ट ने पलटा सरकार का फैसला, विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश





