हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में रहने वाले छात्र सर्वेश शर्मा ने सेना के लिये ड्रोन विकसित करने के नाम पर 3.5 करोड़ रुपये की ग्रांट मिलने का दावा किया था। इस दावे को लेकर डिफेंस इनोवेशन ऑर्गेनाइजेशन (DIO) ने आधिकारिक तौर पर बताया कि उनके रिकॉर्ड में न तो सर्वेश शर्मा का नाम है और न ही किसी संबंधित स्टार्ट‑अप को ऐसी कोई अनुदान मिली है।
सार्वजनिक स्पष्टीकरण और जांच
DIO ने सोशल मीडिया पर फैल रहे अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि यह जानकारी पूरी तरह से गलत है। प्रारम्भिक जांच में साइबर ठगी की संभावना सामने आई, जिसके बाद हमीरपुर के सदर थाना में इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर एक एफआईआर दायर की गई।
आगे की कार्रवाई
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में विस्तृत जांच का आदेश दिया है। अधिकारी यह सुनिश्चित करने के लिये डिजिटल साक्ष्य, बैंक लेन‑देनों और संबंधित दस्तावेजों की जाँच करेंगे। अब तक इस दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या प्रमाण नहीं मिला है।
इस घटना ने ऑनलाइन जानकारी की सत्यता की जांच के महत्व को फिर से उजागर किया है। अधिकारियों ने जनता से आग्रह किया है कि ऐसी खबरें शेयर करने से पहले आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि कर लें।
स्रोत: Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | – Amar Ujala



