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सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के अनुबंध कर्मचारियों के लाभ पर सरकार की याचिका खारिज की

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सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल के अनुबंध कर्मचारियों के लाभ पर सरकार की याचिका खारिज की
सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा बनाई गई)

हिमाचल प्रदेश में अनुबंध कर्मचारियों के सेवा लाभ को लेकर चल रही कानूनी जाँच में सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया। इस फैसले से लगभग डेढ़ लाख कर्मचारियों को अपने अनुबंध अवधि के वित्तीय लाभ और वरिष्ठता से जुड़े अधिकारों की उम्मीद बढ़ी है।

केस की पृष्ठभूमि

हिमाचल प्रदेश रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस ऑफ गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एक्ट, 2024 के तहत अनुबंध कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर विभिन्न लाभ प्रदान करने की मांग की जा रही थी। सरकार ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर की थी, जिसमें वह नियमों में बदलाव की माँग कर रही थी।

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

न्यायालय ने सरकार की याचिका को अस्वीकार कर दी, जिससे वर्तमान नियम लागू रहेंगे। इस निर्णय के बाद प्रदेश के लगभग 1.5 लाख अनुबंध कर्मचारियों को उम्मीद है कि उन्हें अनुबंध अवधि के अनुसार वेतन, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभ मिलेंगे। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि अधिनियम में निर्धारित शर्तें वैध हैं और उनका पुनरावलोकन नहीं किया गया।

भविष्य की संभावनाएँ

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद राज्य सरकार को अब इन कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त नियामक बदलाव करने की आवश्यकता नहीं रही। हालांकि, कर्मचारियों के संघ और प्रतिनिधियों ने कहा कि वे इस निर्णय को सकारात्मक मानते हुए अपने अधिकारों की पूर्ति के लिए आगे भी सतर्क रहेंगे।

स्रोत: Latest And Breaking Hindi News Headlines, News In Hindi | अमर उजाला हिंदी न्यूज़ | – Amar Ujala

फीचर्ड इमेज: सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा बनाई गई).

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