पदयात्रा का आयोजन और मार्ग
कांगड़ा-चंबा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत धर्मशाला में बीजेपी ने “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” नारे के साथ एक बड़ी पदयात्रा शुरू की। यह मार्च गांधी वाटिका (कोतवाली बाजार) से शुरू होकर हनुमान मंदिर के कचहरी अड्डे तक गया। यात्रा में वरिष्ठ पार्टी नेता, विधायकों, सांसद और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
कांग्रेस पर आरोप और मुद्दे
पदयात्रा के दौरान बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एसआईआर (SIR) और चुनाव आयोग से जुड़े मामलों को लेकर जनता में जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। पार्टी ने यह भी कहा कि कांग्रेस केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राजनीतिक रूप से घेरने के लिये बिना तथ्यों के मुद्दों को हवा दे रही है।
नेताओं ने आगामी 1 नवंबर को कांग्रेस द्वारा प्रस्तावित रैली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि दिवाली के समय दिल्ली के बाजारों में व्यापारिक गतिविधियां अपने चरम पर होती हैं और देश के विभिन्न हिस्सों में सामान की आपूर्ति भी यहीं से होती है, इसलिए ऐसी रैलियों से व्यापारियों और आम जनता को असुविधा हो सकती है।
राजनीतिक माहौल और आगे की संभावनाएं
बीजेपी ने इस मंच से बताया कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण है, परन्तु केवल राजनीतिक स्वार्थ और विरोध के नाम पर जनता को गुमराह करना उचित नहीं है। पदयात्रा के बाद कांगड़ा-चंबा क्षेत्र में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। अब देखना यह है कि कांग्रेस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आगे की राजनीतिक गतिशीलता कैसी विकसित होती है।
स्रोत: Himachal Abhi Abhi
फीचर्ड इमेज: सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा बनाई गई).




