रामपुर, 30 सितंबर 2026, न्यूज़ व्यूज पोस्ट,
सीपीएम लोकल कमेटी रामपुर ने वामपंथी दलों के संयुक्त आह्वान पर बुधवार को रामपुर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने “ज्ञानेश कुमार हटाओ, SIR रोको, मताधिकार बहाल करो” के नारे लगाते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीएम राज्य सचिवालय सदस्य राकेश सिंघा सहित लोकल कमेटी सचिव कुलदीप, पूर्ण ठाकुर, रणजीत, प्रेम, देविंदर और राहुल ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने ऐसे सभी पात्र मतदाताओं के अधिकार बहाल करने की मांग की।
वक्ताओं ने इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए चुनाव आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, रिपोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में लिए गए कुछ निर्णयों पर अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का जिक्र किया गया है। उन्होंने इसे चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर विषय बताया।
सीपीएम नेताओं ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया का प्रभाव गरीब, हाशिए के वर्गों और प्रवासी मजदूरों पर पड़ रहा है। उन्होंने गोवा में सॉफ्टवेयर संबंधी प्रतिबंधों का भी उल्लेख करते हुए चुनावी प्रक्रिया में तकनीकी व्यवस्थाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।
ये हैं प्रमुख मांगें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए।
SIR प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए।
गलत तरीके से मतदाता सूची से बाहर किए गए पात्र मतदाताओं के नाम और मताधिकार बहाल किए जाएं।
चुनाव आयोग की स्वतंत्र एवं लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जाए।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
सीपीएम के अनुसार, वामपंथी दल 28 सितंबर से 2 अक्टूबर तक देशभर में विरोध कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। रामपुर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान पार्टी ने गैर-भाजपा, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतांत्रिक संगठनों, नागरिक समाज और आम लोगों से इन मुद्दों पर आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की।
