नीरत, 29 सितंबर। लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित सचिवालय कमेटी की बैठक मंगलवार को नीरत में आयोजित हुई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों पर चर्चा की गई और आगामी 27 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
हिमाचल किसान सभा लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और कृष्णा राणा ने कहा कि परियोजना प्रभावित किसानों की मांगों को पूरा करने में सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम कथित तौर पर विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई बार समझौते और सहमति बनने के बावजूद प्रभावित किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि बरकेली गांव, फाटी देहरा, बायल और गड़ेच में वर्ष 2021-22 की फसल का मुआवजा अभी तक लंबित है। वहीं, परियोजना में जमीन देने वाले परिवारों में से 23 परिवारों को एकमुश्त राशि अब तक नहीं मिली है। किसान सभा के साथ इस राशि को शीघ्र जारी करने पर सहमति बनने के बावजूद भुगतान नहीं होने से प्रभावित परिवारों में नाराजगी है।
किसान सभा नेताओं ने कहा कि निथर, भुट्टी, करांगला और बढ़ाच ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मकानों में आई दरारों का सर्वे होने के बावजूद प्रभावित लोगों को मुआवजा नहीं दिया गया है। इसके अलावा परियोजना क्षेत्र में धूल के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा भी किसानों को नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि लंबित मांगों को लेकर किसानों में रोष है और हिमाचल किसान सभा प्रभावित किसानों के साथ लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा तथा 27 अक्टूबर के प्रदर्शन में अधिक से अधिक प्रभावित किसानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।
बैठक में प्रेम चौहान, रणजीत, हरदयाल कपूर, काकू कश्यप, सरोजनी, रेखा, कपिल, निहाल, नरेश, ऋषि, ओम प्रकाश, डाटा राम जिष्टू, अंकुश, चमन, बुद्धि सिंह, नरेश, पदम, दर्शन, महेंद्र, सुंदर कृष्ण और धन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
