शिमला, 30 सितंबर।न्यूज व्यूज पोस्ट ,
महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की समय रहते पहचान और इसकी रोकथाम के उद्देश्य से निष्काम सृजन फाउंडेशन की ओर से बुधवार को महालेखाकार कार्यालय, गॉर्टन कैसल, द मॉल शिमला में विशेष पैप-स्मीयर जांच शिविर आयोजित किया गया।
शिविर में महालेखाकार कार्यालय की आउटसोर्स महिला कर्मचारियों के साथ राष्ट्रीय लेखा परीक्षा एवं लेखा अकादमी की आउटसोर्स महिला कर्मचारियों और नगर निगम शिमला की महिला सफाई मित्रों ने स्वास्थ्य जांच करवाई।
शिविर का मुख्य उद्देश्य गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होने वाले असामान्य बदलावों की शुरुआती पहचान करना रहा। फाउंडेशन के अनुसार, उच्च जोखिम वाले मानव पेपिलोमा वायरस (HPV) का लंबे समय तक बना रहने वाला संक्रमण गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रमुख कारण है। नियमित जांच और चिकित्सकीय सलाह के माध्यम से शुरुआती स्तर पर होने वाले बदलावों की पहचान कर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
शिविर का आयोजन महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सरिता तथा कमला नेहरू अस्पताल की चिकित्सा एवं तकनीकी टीम के सहयोग से किया गया। इस दौरान डॉ. सरिता ने महिलाओं से बातचीत कर स्त्री स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी साझा की और आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी।
निष्काम सृजन फाउंडेशन ने महिलाओं से अपील की कि वे स्वास्थ्य संबंधी जांच को लेकर किसी तरह की झिझक न रखें और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय-समय पर HPV तथा गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की जांच करवाएं।
फाउंडेशन ने शिविर के आयोजन में सहयोग के लिए प्रधान महालेखाकार पुरुषोत्तम तिवारी का विशेष आभार जताया। फाउंडेशन के अनुसार, उनके निरंतर सहयोग से महालेखाकार कार्यालय परिसर में इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन संभव हुआ।
इसके अलावा फाउंडेशन ने इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, कमला नेहरू अस्पताल और दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल के चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों तथा नगर निगम शिमला की मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अंजली चौहान के सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया।
शिविर में फाउंडेशन की ओर से माला सिंह, तरुणा कौशल, अरुणा शर्मा, आदर्श सिंह, मननदीप सोंध, प्रिया भोज, गीतांजलि भागडा और गुरप्रीत सोंध उपस्थित रहे।
फाउंडेशन का संदेश: महिलाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, समय पर HPV एवं गर्भाशय ग्रीवा की जांच करवाना और किसी भी असामान्य बदलाव की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
