रामपुर/शिमला, 30 सितंबर। न्यूज व्यूज पोस्ट ,
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू 1 से 3 अक्तूबर तक शिमला जिला के रोहड़ू, चिरगांव, रामपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के दौरे पर रहेंगे। तीन दिनों के इस दौरे में विकास कार्यों के उद्घाटन एवं शिलान्यास के साथ जनसंवाद, विद्यार्थियों से बातचीत और नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण रहेंगे।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री 1 अक्तूबर को पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और ‘एंटी चिट्टा रैली’ को हरी झंडी दिखाकर उसमें भाग लेंगे। इसके बाद सड़क मार्ग से चिरगांव पहुंचकर नगर पंचायत मैदान में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास करेंगे तथा जनसभा को संबोधित करेंगे।
मुख्यमंत्री शाम को ग्राम भटवारी, ग्राम पंचायत दियुड़ी मायला में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम में स्थानीय लोगों, महिला मंडलों और युवक मंडलों से सीधा संवाद करेंगे। यहीं रात्रि ठहराव का कार्यक्रम है।
गांधी जयंती पर रामपुर पहुंचेंगे मुख्यमंत्री
2 अक्तूबर को मुख्यमंत्री भटवारी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद हेलीकॉप्टर से रामपुर के शिंगला हेलीपैड पहुंचेंगे। यहां विकासात्मक योजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास के साथ नोग घाटी के लोगों से संवाद प्रस्तावित है।
इसके बाद मुख्यमंत्री तकलेच और काशा गांव का दौरा करेंगे। काशा में ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम के तहत स्थानीय जनता, महिला मंडलों और युवक मंडलों से बातचीत करेंगे। 2 अक्तूबर की रात मुख्यमंत्री का ठहराव पट गांव में होगा।
3 अक्तूबर को नोगली में जनसभा, रामपुर स्कूल में एंटी चिट्टा रैली
दौरे के अंतिम दिन मुख्यमंत्री पट गांव से नोगली जाएंगे, जहां जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके बाद पदम उत्कृष्ट राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (CBSE), रामपुर में विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और ‘एंटी चिट्टा रैली’ को हरी झंडी दिखाकर इसमें शामिल होंगे।
इसके बाद मुख्यमंत्री सर्किट हाउस रामपुर में दोपहर का भोजन करेंगे और शिंगला हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा शिमला के अनाडेल हेलीपैड के लिए रवाना होंगे।
तीन दिवसीय दौरे के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं और विकास संबंधी आवश्यकताओं को सीधे सुनने के साथ विभिन्न योजनाओं की प्रगति तथा जनहित से जुड़े मुद्दों पर संवाद किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर रहेगा।
