रामपुर बुशहर, 30 सितंबर। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में किन्नौर स्थित रामपुर की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (POCSO Court) ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, अदालत ने राम बहादुर पुत्र पूर्ण बहादुर, निवासी गांव व डाकघर खलंगा, जिला जुमला, अंचल मेरी, नेपाल, उम्र 48 वर्ष को BNS तथा POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया।
प्रेस नोट के मुताबिक, नाबालिग पीड़िता और उसकी मां घटना से कुछ दिन पहले ही नेपाल से भारत आई थीं। पीड़िता को भारत लाने का उद्देश्य उसके हृदय में छेद की बीमारी का इलाज करवाना था। घटना 6 नवंबर 2024 की बताई गई है।
पानी भरने के बहाने कमरे में ले गया
अदालत के समक्ष रखे गए अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता की मां काम की तलाश में बाहर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने, जो शराब के नशे में था, नाबालिग को पानी भरने के बहाने अपने क्वार्टर के पास बुलाया और कथित तौर पर जबरदस्ती कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
प्रेस नोट के अनुसार, घटना के दौरान नाबालिग ने फोन के माध्यम से अपनी मां को जानकारी दी। मां ने एक नेपाली महिला को आरोपी के कमरे के पास भेजा। कमरे के अंदर से रोने की आवाज सुनाई देने पर दरवाजा खुलवाया गया, जहां आरोपी और पीड़िता मौजूद मिले। इसके बाद पीड़िता की मां ने थाने में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने मामले की जांच पूरी करने के बाद चालान POCSO कोर्ट में पेश किया। मामले की जांच SI भरत सिंह ने की। अदालत में कुल 20 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके आधार पर आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए।
दूसरे POCSO मामले में भी 20 साल की सजा
इसी प्रेस नोट में अदालत द्वारा एक अन्य POCSO मामले में भी फैसला सुनाए जाने की जानकारी दी गई है। इसमें आरोपी का नाम गोपनीय रखा गया है। अदालत ने अपनी सगी बेटी के साथ 2–3 वर्षों तक शारीरिक शोषण के आरोप सिद्ध होने पर आरोपी को 20 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
दोनों मामलों में सरकार की ओर से अभियोजन पक्ष की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।
