रामपुर बुशहर। विशेषर नेगी।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के रामपुर बुशहर स्थित ठाकुर श्री सत्यनारायण मंदिर में आज ‘भारतीय सनातन संस्कृति संपर्क यात्रा’ के तहत महायज्ञ का आयोजन किया गया। स्वामी अनल जी के नेतृत्व में चल रही इस यात्रा के दौरान रामपुर में देश के 135वें जिले में 174वां यज्ञ संपन्न हुआ।
स्वामी अनल जी मूल रूप से आगरा के रहने वाले हैं। उन्होंने कुछ वर्षों तक सरकारी अधिकारी के रूप में सेवाएं देने के बाद करीब 22 वर्षों तक भारत के सर्वोच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य किया। बाद में उन्होंने संन्यास ग्रहण किया और अमेरिका के लास वेगास में रहकर सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार से जुड़े कार्यों में जुट गए। वहां करीब पांच एकड़ भूमि में सनातन मंदिर के निर्माण का कार्य भी किया जा रहा है।
801 जिलों को यज्ञ के माध्यम से जोड़ने का संकल्प
75 वर्ष की आयु में ईश्वरीय प्रेरणा से भारत माता की सेवा और हिंदू समाज में जागृति के उद्देश्य से स्वामी अनल जी ने प्रयागराज से इस यात्रा की शुरुआत की। यात्रा के माध्यम से देश के 801 जिलों को यज्ञ के जरिए एक सूत्र में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
यात्रा के दूसरे चरण में पंजाब, जम्मू और लद्दाख से होते हुए यह अभियान हिमाचल प्रदेश पहुंचा है। रामपुर में आयोजित यज्ञ को हिमाचल प्रदेश के अभियान का 10वां जिला बताया गया।
स्वामी अनल जी के अनुसार इस यात्रा का उद्देश्य महायज्ञ के माध्यम से सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, संस्कार, गौ, गंगा और गुरुकुल परंपरा के पुनर्जागरण के साथ समाज में धर्म एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करना है।
विश्व हिंदू परिषद और शहरवासियों ने लिया भाग
रामपुर के ठाकुर श्री सत्यनारायण मंदिर में आयोजित महायज्ञ में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं, ठाकुर सत्यनारायण मंदिर न्यास के सदस्यों और स्थानीय शहरवासियों ने भाग लिया। इस दौरान भारतीय संस्कृति को परम वैभव तक ले जाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
स्वामी अनल जी ने यात्रा के दौरान संघ और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे सहयोग के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं का सहयोग इस यात्रा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
हिमाचल के बाद आठ राज्यों की ओर बढ़ेगी यात्रा
भारतीय सनातन संस्कृति संपर्क यात्रा हिमाचल प्रदेश के बाद उत्तराखंड पहुंचेगी। इसके पश्चात यात्रा सिक्किम, मिजोरम सहित आठ अन्य राज्यों की ओर जाएगी। यात्रा के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में यज्ञ और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कर सनातन संस्कृति एवं भारतीय परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
