हिमाचल प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पेंशन पर होने वाला खर्च राज्य के वित्तीय संसाधनों की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2014-15 से 2024-25 के बीच पेंशन व्यय की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर 12.75 प्रतिशत रही। इसके मुकाबले राज्य का राजस्व व्यय 9.43 प्रतिशत और सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) 7.90 प्रतिशत की दर से बढ़ा। इससे प्रदेश के बजट पर पेंशन देनदारियों का दबाव गहराने के संकेत मिले हैं। ‘लॉन्ग-टर्म फिस्कल सस्टेनेबिलिटी इम्प्लिकेशंस ऑफ पेंशन लायबिलिटीज इन हिमाचल प्रदेश : ए ट्रेंड एंड फिस्कल स्ट्रेस एनालिसिस’ शीर्षक वाले शोधपत्र में यह तथ्य सामने आया है। शोधकर्ता डॉ. अनिल कुमार के अनुसार वर्ष 2014-15 में कुल राजस्व व्यय में पेंशन की हिस्सेदारी 14.73 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में बढ़कर 21.36 प्रतिशत तक पहुंच गई। यानी दस वर्षों में राजस्व का बड़ा हिस्सा पेंशन भुगतान में खर्च होने लगा है।