मां से किया वादा, आंखों में दो स्वर्ण पदकों का सपना और उसे सच करने का दृढ़ संकल्प। जापान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर दो-दो गोल्ड मेडल के साथ लौटे निषाद कुमार का बुधवार को शहीद कैप्टन अमोल कालिया प्रवेशद्वार मैहतपुर पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। बहन ने आरती उतारकर तिलक किया तो मां ने बेटे को गले लगाकर खूब प्यार लुटाया और आशीर्वाद दिया। निषाद ने भी दोनों स्वर्ण पदक माता-पिता को पहनाकर अपनी कामयाबी का श्रेय उनके आशीर्वाद को दिया। निषाद जब इस बार जापान में पैरा खेल प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए घर से निकले थे, तो उन्होंने मां से फोन पर वादा किया था कि इस बार दो गोल्ड मेडल लेकर लौटेंगे।