Friday, 6 November 2026
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फर्जी प्रमाणपत्रों से बिजली बोर्ड में नौकरी, पूर्व जेई समेत तीन पर FIRदो कर्मचारी बर्खास्त, एक का त्यागपत्र स्वीकार;

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शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य विद्युत बोर्ड में फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में तीन कर्मचारियों के प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद पूर्व कनिष्ठ अभियंता (जेई) समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच के अनुसार, खणी निवासी अनिल कुमार ने कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी का इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिप्लोमा, चंबा के दिवेश कुमार ने राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल का दसवीं का प्रमाणपत्र और बालुल निवासी विशाल कुमार ने एनआईओएस का दसवीं का प्रमाणपत्र नौकरी के लिए प्रस्तुत किया था। संबंधित संस्थानों ने सत्यापन के दौरान इन प्रमाणपत्रों को जारी करने से इनकार कर दिया।
मामले में बिजली बोर्ड प्रबंधन ने अनिल कुमार और विशाल कुमार को बर्खास्त कर दिया है, जबकि दिवेश कुमार का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। विजिलेंस थाना चंबा में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बोर्ड अधिकारी भी जांच के घेरे में
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रमाणपत्रों पर संदेह होने के बावजूद कुछ अधिकारियों ने आपराधिक कार्रवाई के लिए विजिलेंस को सूचना नहीं दी। ऐसे अधिकारी भी अब जांच के दायरे में हैं।

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