पट्टन घाटी में कस्तूरी मृग की उपस्थिति पुष्टि
हिमाचल प्रदेश के लाहौल‑स्पीति जिले की पट्टन घाटी में स्थित ऊँचे शंकुधारी जंगलों में संकटग्रस्त कश्मीर कस्तूरी मृग का प्राकृतिक आवास पाया गया। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल ऑरिक्स में प्रकाशित नवीनतम अध्ययन ने 2,946 मीटर से 4,418 मीटर की ऊँचाई पर इस दुर्लभ प्रजाति की मौजूदगी दर्ज की है।
जैव विविधता वाले वन और संरक्षण का महत्व
यह क्षेत्र चीड़, देवदार, स्प्रूस, फर और भोजपत्र जैसी विविध वनस्पति से समृद्ध है, जो कस्तूरी मृग को भोजन और छिपने के लिए उपयुक्त माहौल प्रदान करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इन ऊँचे वनों में मिलती शीतल जलवायु और कम मानव हस्तक्षेप इस प्रजाति के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण कारक हैं।
स्थानीय समुदाय और भविष्य की दिशा
कस्तूरी मृग का इस क्षेत्र में मौजूद होना स्थानीय वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को सुदृढ़ कर सकता है। यह न केवल जैव विविधता को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यटन और पर्यावरणीय शिक्षा के नए अवसर भी पैदा कर सकता है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में संभावित सुधार हो सकता है।
पाठकों के लिए ज़रूरी जानकारी
- जंगल में घूमते समय वन्यजीवों को परेशान न करें; दूरी बनाए रखें।
- स्थानीय वन्यजीव अभयारण्य या राष्ट्रीय उद्यानों की यात्रा के दौरान नियमानुसार मार्गदर्शन का पालन करें।
- आपातकालीन स्थितियों में 112 या 108 पर तुरंत कॉल करें।
फीचर्ड इमेज: सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा बनाई गई).






