हिमाचल प्रदेश में रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने सभी जिलाधीशों को निर्देश जारी कर डिफाल्टरों की जमीन लेन‑देन पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस कदम से प्रदेश में 300 से अधिक डिफाल्टरों की रजिस्ट्री कार्यवाही और खरीद‑फरोख्त पर रोक लगाई जाएगी।
डिफाल्टरों पर कड़ी कार्रवाई
रेरा ने बताया कि अब डिफाल्टर घोषित व्यक्तियों को अपनी या किसी और की जमीन की खरीद‑फरोख्त करने की अनुमति नहीं होगी। सभी जिलाधीशों को आदेश दिया गया है कि ऐसे मामलों में रजिस्ट्री प्रक्रिया को रोकना अनिवार्य है। यह निर्देश रेरा के नियामक ढांचे के तहत लागू किए जा रहे कठोर उपायों का हिस्सा है।
जिलाधीशों को विशेष निर्देश
प्रत्येक जिले के न्यायालय को यह निर्देश मिला है कि वे डिफाल्टरों से संबंधित सभी लेन‑देन को तुरंत रोकें और रजिस्ट्री में कोई नई एंट्री न दें। इस प्रक्रिया में उल्लंघन करने वाले को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। रेरा ने यह भी कहा कि भविष्य में इसी प्रकार के उल्लंघन को रोकने के लिए निगरानी को सुदृढ़ किया जाएगा।
इन कदमों से रियल एस्टेट बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध लेन‑देन को रोकने में मदद मिलेगी। रेरा ने कहा कि यह कार्रवाई जमीन के खरीदारों और विक्रेताओं दोनों के हित में है और राज्य में रियल एस्टेट के स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करेगी।
फीचर्ड इमेज: सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा बनाई गई).






