हिमाचल में प्राकृतिक कवकों की मदद से रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता घटाने की उम्मीद बढ़ी है। उत्तर-पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में ऐसे कवकों की विविधता सामने आई है, जो फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों को संक्रमित कर मार सकते हैं। इनमें क्लोनोस्टैकिस फंगस वूली एफिड के नियंत्रण में कारगर पाया गया है। प्रयोगशाला में सफल प्रयोग के बाद अब इसका सेब के बगीचों में परीक्षण किया जा रहा है। एचपीयू के शोधकर्ता दिनेश कुमार भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) के क्षेत्रीय केंद्र शिमला के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संतोष वाटपाड़े और सहायक प्राध्यापक डॉ. नीलम कुमारी के निर्देशन में यह अध्ययन कर रहे हैं।