हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शिमला-कुफरी-फागू राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात मुक्त करने और पर्यटकों की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने क्षेत्र में पर्यटकों की भारी संख्या को देखते हुए कुफरी-फागू स्थित केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान के पास मौजूद भूमि का संज्ञान लिया। अदालत का मानना है कि यदि इस संस्थान की कुछ जमीन का वर्तमान में कोई उपयोग नहीं हो रहा है, तो जनहित में उसका इस्तेमाल मौसमी पार्किंग के लिए किया जा सकता है। इसी के मद्देनजर कोर्ट ने केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान को उसके निदेशक के माध्यम से मामले में प्रतिवादी के रूप में पक्षकार बनाने का आदेश दिया है।