हिमाचल प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार नई औद्योगिक नीति लाने जा रही है। नीति को आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसमें स्थानीय खाद्य पदार्थों पर आधारित उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर रहेगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने बुधवार को नाहन में मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल में अधिक से अधिक निवेश लाना और निवेशकों को समय पर मंजूरी उपलब्ध करवाना है। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से स्थानीय संसाधनों और खाद्य उत्पादों पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा, इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। उद्योग मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में पिछले चार वर्षों के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत निवेश धरातल पर उतर चुका है और संबंधित औद्योगिक इकाइयों में काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उद्योग स्थापित हों और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले।