पेंशनरों की लंबित देनदारियों को लेकर पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है। समिति ने सरकार को 11 नवंबर तक सभी वित्तीय देनदारियों का निपटारा करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मांगें पूरी न होने पर संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े 18 संगठन जॉइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले पहले जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद धर्मशाला में शीतकालीन सत्र के दौरान 18 या 19 नवंबर को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश ठाकुर, महासचिव इंद्र पाल शर्मा और अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार लंबे समय से पेंशनरों के हकों को लटकाए हुए है। उन्होंने एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को संशोधित लीव इनकैशमेंट, ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन, 196 माह के वेतन-पेंशन एरियर और 10 फीसदी डीए व महंगाई राहत के तत्काल भुगतान की मांग की। इसके साथ ही लंबित मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए बजट जारी करने का आग्रह किया। समिति के अतिरिक्त महासचिव भूप राम वर्मा ने सरकार द्वारा 14 सितंबर 2026 को जारी संशोधित कम्यूटेशन संबंधी अधिसूचना को वापस लिए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने इस अधिसूचना को तुरंत बहाल करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि 18 सितंबर को बिलासपुर में सरकार को 17 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया था, लेकिन वार्ता के लिए न बुलाए जाने से पेंशनरों में भारी नाराजगी है।