संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Mon, 31 Aug 2026 10:53 PM IST

 हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2003 के बाद राज्य सरकार के विभागों में स्थायी रूप से शामिल किए गए निगमों, बोर्डों के कर्मचारी केंद्रीय नागरिक सेवा (पेंशन) नियम 1972 में पुरानी पेंशन योजना के हकदार नहीं हैं। 

High Court clarifies that employees inducted on a permanent basis after 2003 are not entitled to the benefits

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2003 के बाद राज्य सरकार के विभागों में स्थायी रूप से शामिल किए गए निगमों, बोर्डों के कर्मचारी केंद्रीय नागरिक सेवा (पेंशन) नियम 1972 में पुरानी पेंशन योजना के हकदार नहीं हैं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ पीठ ने माना कि सरकार की ओर से एक मई 2018 से पेंशन वापस लेने का निर्णय न्यायसंगत और नियमों के मुताबिक था। अदालत ने एकल पीठ के फैसले में हस्तक्षेप करने से इन्कार करते हुए याचिकाकर्ताओं (धनी राम के कानूनी प्रतिनिधियों) की अपील खारिज कर दी।


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