अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Mon, 31 Aug 2026 11:01 PM IST

फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रथा से किसानों की खेती की लागत करीब 30 फीसदी बढ़ गई है।

Himachal Assembly Session: Treasury and opposition benches spar over two bags of urea and a bottle of Nano ure

हिमाचल प्रदेश विधानसभा शिमला।
– फोटो : अमर उजाला



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हिमाचल विधानसभा में यूरिया के साथ नैनो यूरिया की जबरन बिक्री पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। फतेहपुर के विधायक भवानी सिंह पठानिया ने नियम 62 के तहत ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रथा से किसानों की खेती की लागत करीब 30 फीसदी बढ़ गई है। पठानिया ने आरोप लगाया कि सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को यूरिया के दो बोरी खरीदने पर मजबूर किया जा रहा है। इसके साथ उन्हें नैनो यूरिया प्लस की एक बोतल भी जबरन दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक बोरी यूरिया की कीमत 270 रुपये है। 225 रुपये की नैनो यूरिया प्लस बोतल भी अनिवार्य की जा रही है।


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