हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य के वन सेवा (एचपीएसएस) अधिकारियों के पक्ष में बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने राज्य सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत याचिकाकर्ताओं को पंजाब पैटर्न पर आधारित चार स्तरीय वेतनमान का सांकेतिक लाभ 27 अगस्त 2009 से देने से इन्कार कर दिया गया था। न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने निर्देश दिया है कि याचिकाकर्ताओं को 27 अगस्त 2009 से 31 अगस्त 2013 की अवधि के लिए सांकेतिक वेतनमान लागू करने और 1 सितंबर 2013 से वास्तविक लाभ बरकरार रहेगा।राज्य सरकार 3 महीने के भीतर सभी बकाया राशि का भुगतान करे।3 माह में भुगतान न करने पर 6 फीसदी वार्षिक दर से ब्याज देना होगा। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब सरकार ने स्वयं एचपीएफसी श्रेणी को चार स्तरीय वेतनमान का हकदार मान लिया था, तो उन्हें उसी तिथि से सांकेतिक लाभ से वंचित करने का कोई औचित्य नहीं था जिस तिथि से अन्य समान श्रेणियों को यह लाभ दिया गया था। अदालत ने यह फैसला मीरा शर्मा और अन्य की ओर से दायर याचिका पर दिया है।