हिमाचल और उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में बुरांश पर जलवायु परिवर्तन का असर साफ दिखने लगा है। नौणी विश्वविद्यालय के शोध के अनुसार बुरांश के फूल सामान्य समय से 88 से 97 दिन पहले खिल रहे हैं। इससे परागण और बीज बनने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। जंगलों में करीब 32 फीसदी नए पौधे शुरुआती अवस्था में ही खत्म हो जाते हैं। विशेषज्ञों ने सतत दोहन और समुदाय आधारित संरक्षण पर जोर दिया है।

बुरांश
– फोटो : अमर उजाला
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