जलवायु परिवर्तन के दौर में शिमला से फसल विविधीकरण की नई और सुखद उम्मीद जगी है। रोहड़ू के कुटारा गांव में सूरजमुखी के एक पौधे में 200 से अधिक फूल खिले हैं। इस अजूबे ने बागवानी विभाग के विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। विभाग ने इस पौधे का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन करने का निर्णय लिया है। अध्ययन में इस पौधे की खासियत साबित होती है, तो यह प्रदेश के किसानों-बागवानों के लिए आय का एक नया साधन बन सकता है।

जल शक्ति विभाग से सेवानिवृत्त अभियंता और कुटारा गांव निवासी विजय मच्छान ने एक रिश्तेदार से सूरजमुखी का बीज लिया था। मई की शुरुआत में उनके केयरटेकर श्याम सिंह ने इसे घर के आंगन में लगाया। जब पौधा बड़ा हुआ, तो कुछ ही दिनों में यह फूलों से भर गया। इसमें करीब 200 फूल खिल चुके हैं, जबकि कुछ अन्य अभी तैयार हो रहे हैं। एक पौधे में इतने सारे फूल देखकर गांव के लोग भी हैरान रह गए। पौधे की जानकारी मिलने के बाद बागवानी विभाग ने इसका संज्ञान लिया।


विभाग ने विजय मच्छान से पौधे का वीडियो और अन्य विवरण उपलब्ध करवाने का आग्रह किया है। बागवानी विभाग के निदेशक डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने इसे वैज्ञानिक अध्ययन की शुरुआत बताते हुए कहा कि यदि आने वाले वर्षों में परीक्षणों में इसकी पुष्टि होती है, तो यह सूरजमुखी आधारित फसल विविधीकरण की दिशा में एक बड़ी संभावना बन सकता है। 

विभाग ने विजय मच्छान से पौधे के बीज सुरक्षित रखने और आगामी वर्ष उसी से दोबारा पौधे तैयार करने का आग्रह किया है। अगले तीन साल इसकी अगली पीढ़ियों के आनुवंशिक गुणों, फूलों की गुणवत्ता, रोग सहनशीलता, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में इसके प्रदर्शन का अध्ययन होगा। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए विभिन्न स्थानों पर बहु-स्थान परीक्षण भी किए जाएंगे। बता दें कि सूरजमुखी के पौधे पर अकसर एक ही फूल लगता है।

Source: Read original article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed