रामपुर बुशहर, विशेषर नेगी।
हिमाचल किसान सभा का 17वां राज्य सम्मेलन 13 और 14 अक्तूबर को किसान मजदूर भवन, चाटी में संपन्न हुआ। सम्मेलन में प्रदेश के नौ जिलों से 152 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. अशोक धवले ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि बढ़ती कृषि लागत और घटती आय के कारण खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। उन्होंने व्यापारिक समझौतों, महंगाई और मनरेगा में किए गए बदलावों पर भी चिंता जताई।
किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा ने पिछले तीन वर्षों की राजनीतिक एवं संगठनात्मक रिपोर्ट पेश की। इस पर विभिन्न जिलों के 20 प्रतिनिधियों ने चर्चा की। सम्मेलन में कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए, जिनके आधार पर आगामी समय में संगठन को मजबूत करने और आंदोलनों को तेज करने की रणनीति बनाई गई। सम्मेलन को अखिल भारतीय किसान सभा के उपाध्यक्ष इंदरजीत सिंह और सचिव पुष्पेंद्र त्यागी ने भी संबोधित किया।
नई कमेटी में प्रमुख जिम्मेदारियां
आगामी तीन वर्षों के लिए 45 सदस्यीय नई राज्य कमेटी गठित की गई। इसमें राकेश सिंघा को राज्य अध्यक्ष, महेंद्र राणा को महासचिव और राम सिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया। कुशाल भारद्वाज, नारायण चौहान, राजेंद्र ठाकुर और प्रेम चौहान उपाध्यक्ष, जबकि देवकी नंद, गीता राम, भूपेंद्र, शकुनि राम और रणजीत सहसचिव बनाए गए।
नई कमेटी ने प्रदेश में किसान संगठन को मजबूत करने और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
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