नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने शिमला‑मटौर फोरलेन परियोजना के हिस्से के रूप में स्थित जुड़वां सुरंग और रियुंद पुल को अब यातायात के लिए खोल दिया है। इस कदम से कांगड़ा‑रानीताल मार्ग की दूरी 17 किमी से घटकर 14 किमी रह गई है, जिससे यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई है।
समय बचत और दूरी में कमी
पहले कांगड़ा से रानीताल तक का सफर 35‑40 मिनट (जाम लगने पर एक घंटे तक) लेता था। अब वही दूरी 12‑14 मिनट में तय की जा सकती है। समानांतर, कांगड़ा‑हमीरपुर का मार्ग भी तेज हो गया है; अब इस दूरी को तय करने में लगभग एक घंटा लगना अपेक्षित है।
आगामी कार्य और सुरक्षा उपाय
रानीताल से आगे बालूग्लोआ पुल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और अगले महीने के भीतर शुरू होने की संभावना है। पुल की अप्रोच पर सुरक्षा कार्य जारी हैं और जल्द ही लाइटिंग की व्यवस्था पूरी की जाएगी। परियोजना निदेशक राकेश यादव ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुल और टनल से यातायात तुरंत शुरू कर दिया गया है।
इन सुधारों से न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिली है, बल्कि आसपास के शहरों के कनेक्शन में भी तेज़ी आई है, जिससे आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
स्रोत: Himachal Abhi Abhi
फीचर्ड इमेज: सांकेतिक तस्वीर (AI द्वारा बनाई गई).






