ऊना के हरोली में निर्माणाधीन बल्क ड्रग पार्क हिमाचल के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने के साथ फार्मा रिसर्च और अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाओं का केंद्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है। पार्क में दिसंबर से पहले चरण का उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। इसी के साथ करीब 12 हजार युवाओं को रोजगार देने की योजना है। पार्क के पूरी तरह विकसित होने पर करीब 35 हजार लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने का लक्ष्य रखा गया है।
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के अनुसार पार्क में उपलब्ध कुल रोजगार में करीब 70 फीसदी अवसर हिमाचल के लोगों को देने का प्रावधान रखा गया है। इससे ऊना के साथ प्रदेश के अन्य जिलों के युवाओं को भी रोजगार मिलने की उम्मीद है।
ट्रेड के अनुसार मांगे जाएंगे युवाओं के आवेदन
पार्क में निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही अलग-अलग ट्रेड के लिए युवाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। उद्योग और रोजगार विभाग के माध्यम से रोजगार कार्यालयों से युवाओं के आवेदन लिए जाएंगे। शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी प्रशिक्षण और संबंधित ट्रेड में दक्षता के आधार पर रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।
आईटीआई और अन्य तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए निर्माण कार्यों में रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। बाद में पार्क में फार्मा इकाइयों का संचालन शुरू होने पर तकनीकी और कुशल कर्मचारियों की मांग और बढ़ सकती है।
उत्पादन के साथ रिसर्च पर भी रहेगा फोकस
बल्क ड्रग पार्क को केवल दवा उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय फार्मा अनुसंधान और परीक्षण का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी है। पार्क में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एडवांस्ड लेबोरेटरी सेंटर स्थापित किए जाएंगे। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नई तकनीकों के विकास, फार्मा अनुसंधान और औद्योगिक इकाइयों को तकनीकी सहयोग देने पर जोर रहेगा। आधुनिक दवा निर्माण तकनीक, गुणवत्ता सुधार और नए उत्पादों के विकास से जुड़े शोध को बढ़ावा देने की योजना है।
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