हिमाचल प्रदेश की शक्तिपीठों में इन दिनों श्रावण अष्टमी मेलों में रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्री नयना देवी में रविवार को 95,000 तो सोमवार को 85,000 श्रद्धालु पहुंचे। प्रदेश के शक्तिपीठों में श्रद्धालुओं की संख्या इन दिनों डेढ़ लाख से ऊपर पहुंच जा रही है लेकिन सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में वर्ष 2008 में मची भगदड़ में करीब 150 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए, लेकिन कुछ प्रस्तावित व्यवस्थाएं अब भी धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। मंदिर के नजदीक करीब पांच हजार श्रद्धालुओं की क्षमता वाले प्रस्तावित अराइवल हॉल का निर्माण भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। मेलों में गुफा से बाबा कुटिया तक का रास्ता भी भारी भीड़ से भरा रहा। यह मार्ग सामान्य दिनों में अपेक्षाकृत खाली रहता है और वीआईपी आवाजाही के लिए भी इस्तेमाल होता है। भीड़ बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रही। मंदिर मार्ग पर बने रैंप में भी जगह-जगह रेलिंग का अभाव है। जिलाधीश बिलासपुर राहुल कुमार ने कहा कि पूरे मेले की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। इसके लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 500 पुलिस और होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं। प्रशासन भी नजर बनाए हुए है।