रामपुर। किन्नौर जिले में रिश्वतखोरी के एक मामले में विशेष न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर ने तत्कालीन पुलिस चौकी प्रभारी कटगांव रवि चौपड़ा को दोषी करार देते हुए 4 साल के कठोर कारावास और 43 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला न्यायवादी किन्नौर स्थित रामपुर एल.एम. शर्मा की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार यह मामला वर्ष 2020 का है। 23 अप्रैल 2020 को कटगांव निवासी शिकायतकर्ता रोबिन सिंह ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो, शिमला को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर 24 अप्रैल 2020 को पुलिस थाना भावानगर में मामला दर्ज किया गया।
शिकायत के मुताबिक तत्कालीन पुलिस चौकी प्रभारी कटगांव रवि चौपड़ा ने शिकायतकर्ता के भाई सचिन और उसके पांच साथियों से शराब की दुकान में तोड़फोड़ के मामले में कथित तौर पर 60 हजार रुपये की मांग की थी। आरोप था कि सचिन को यह रकम राहुल धीमान नामक व्यक्ति के खाते में जमा करवाने को कहा गया तथा लेन-देन का स्क्रीनशॉट व्हाट्सऐप पर भेजने के लिए कहा गया।
प्रेस नोट के अनुसार इसके बाद आरोपी ने राहुल धीमान से उक्त रकम अपने पीएनबी कांगड़ा शाखा के खाते में ट्रांसफर करवाने को कहा। पैसे न देने पर सचिन और उसके साथियों को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया था।
मामले में पुलिस थाना भावानगर में FIR नंबर 44/2020, दिनांक 24 अप्रैल 2020, भारतीय दंड संहिता की धाराओं 323, 384, 504, 506 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7, 12 और 13 के तहत दर्ज की गई थी। जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चालान न्यायालय में पेश किया गया।
अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 39 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। गवाहों, ट्रांजेक्शन डिटेल और एफएसएल रिपोर्ट सहित उपलब्ध साक्ष्यों तथा दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश, किन्नौर स्थित रामपुर ने 8 अक्टूबर 2026 को आरोपी रवि चौपड़ा को दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई।
सरकार की ओर से मामले की पैरवी जिला न्यायवादी किन्नौर स्थित रामपुर एल.एम. शर्मा ने की।
