रामपुर, 30 सितंबर। न्यूज़ व्यूज पोस्ट,

रामपुर एचपीएस ने स्वच्छता ही सेवा अभियान-2026 के तहत अनुपयोगी तकनीकी सामग्री के पुनः उपयोग की दिशा में अभिनव पहल करते हुए 400 केवी जीआईएस सर्किट ब्रेकर पोल के अनुपयोगी घटकों से एक तकनीकी प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन मॉडल तैयार किया है।
यह पहल 29 सितंबर को परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह के मार्गदर्शन में पीएचईएम विभाग की टीम द्वारा “कबाड़ से जुगाड़—वेस्ट टू वेल्थ” अभियान के तहत की गई। मॉडल के माध्यम से नए कर्मचारियों को 400 केवी गैस इंसुलेटेड स्विचगियर सर्किट ब्रेकर की संरचना, विभिन्न घटकों, असेंबली और कार्यप्रणाली को व्यावहारिक रूप से समझने में मदद मिलेगी। साथ ही, वास्तविक परिचालन उपकरणों पर प्रशिक्षण की निर्भरता कम करते हुए सुरक्षित वातावरण में तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
रामपुर एचपीएस के अनुसार, इस प्रयास से अनुपयोगी सामग्री का पुनः उपयोग होने के साथ संसाधनों का संरक्षण, अपशिष्ट में कमी और लागत प्रभावशीलता को भी बढ़ावा मिलेगा। भविष्य में अन्य अनुपयोगी तकनीकी घटकों को भी प्रशिक्षण एवं प्रदर्शन मॉड्यूल में बदलने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।
विद्यार्थियों ने कबाड़ से बनाई उपयोगी कलाकृतियां
इसी अभियान के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रंदल में “कबाड़ से कला—वेस्ट टू आर्ट” प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं से आकर्षक एवं उपयोगी कलाकृतियां तैयार कर पुनः उपयोग और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
प्रतियोगिता में कक्षा 11वीं के रौनक शर्मा ने प्रथम, कक्षा 7वीं के अन्वीत सिंह ने द्वितीय और कक्षा 7वीं के अमन ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंकिता सोनी और पियूष को सांत्वना पुरस्कार दिए गए।
परियोजना प्रमुख ई. विकास मारवाह ने पहल के लिए पीएचईएम विभागाध्यक्ष संजीव शर्मा और उनकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि “कबाड़ से जुगाड़” उपलब्ध संसाधनों के पुनः उपयोग, अपशिष्ट में कमी और तकनीकी ज्ञान के विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है।
कार्यक्रम में पीएसआईटी एंड सी, गुणवत्ता एवं सुरक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष ई. रौशन कुमार, रंदल स्कूल के प्रधानाचार्य व शिक्षकगण तथा रामपुर एचपीएस के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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