हिंदू धर्म में पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और उनकी आत्मिक शांति के लिए पितृ पक्ष का विशेष महत्व माना जाता है। इस वर्ष पितृ पक्ष 26 सितंबर से शुरू होकर 10 अक्तूबर तक चलेगा। इन 15 दिनों के दौरान सनातन धर्मावलंबी अपने पूर्वजों की शांति के लिए पिंडदान, तर्पण, दान-पुण्य और ब्राह्मण भोज सहित विभिन्न धार्मिक कर्म करेंगे। इस बार पंचांगीय गणना के अनुसार पितृ पक्ष में एक विशेष संयोग बन रहा है। इसके चलते चौथा और पांचवां श्राद्ध एक ही दिन, 30 सितंबर को किया जाएगा।
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