किंशासा/केंगे। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को एक विमान हादसे में दो वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों समेत कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। हादसा क्वांगो प्रांत की राजधानी केंगे (Kenge) में हुआ। विमान किकविट से किंशासा लौट रहा था और इसी दौरान उसमें समस्या आने के बाद पायलट ने सुरक्षित उतरने की कोशिश की, लेकिन विमान रिहायशी इलाके में एक खाली परिसर में जा गिरा। प्रारंभिक जानकारी में तकनीकी खराबी को दुर्घटना का संभावित कारण बताया गया है।
विमान में कौन-कौन सवार थे?
हादसे में कांगो की सैन्य न्याय व्यवस्था से जुड़े दो बेहद वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए। इनमें:
लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ मुतोम्बो कातालाय तिएंदे — हाई मिलिट्री कोर्ट के प्रथम अध्यक्ष।
लेफ्टिनेंट जनरल लुसियन-रेने लिकुलिया बाकुमी — FARDC के ऑडिटर जनरल।
इनके अलावा सेना के अन्य अधिकारी और जवान तथा नागरिक भी विमान में मौजूद थे। एक मिशन आदेश में मुतोम्बो तिएंदे और लिकुलिया बाकुमी के साथ अन्य सैन्यकर्मियों का उल्लेख मिलता है।
किकविट से उड़ान, केंगे में हादसा
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार विमान किकविट से करीब दोपहर 1:50 बजे रवाना हुआ था और लगभग 2:05 बजे केंगे के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। विमान में तकनीकी समस्या आने के बाद पायलट ने नीचे उतरने के लिए उपयुक्त जगह तलाशने की कोशिश की। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार विमान ने शहर के ऊपर कई चक्कर लगाए और फिर एक खाली परिसर में जा गिरा।
विमान के जमीन से टकराने के बाद उसमें आग लग गई। अधिकारियों के मुताबिक विमान जिस परिसर में गिरा, वहां मौजूद लोगों को नुकसान नहीं हुआ।
मौतों का आंकड़ा पहले क्यों अलग-अलग आया?
हादसे के शुरुआती घंटों में मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए। शुरुआत में स्थानीय प्रशासन ने 13 लोगों के मारे जाने की जानकारी दी थी। बाद में उपलब्ध मिशन/उड़ान संबंधी दस्तावेजों और अधिकारियों की जानकारी के आधार पर आंकड़ा बढ़कर 17 बताया गया। नवीनतम उपलब्ध रिपोर्ट में 17 मृतकों में 13 सैन्यकर्मी और चार नागरिक बताए गए हैं।
एक अलग रिपोर्ट में 14 मृतकों की सूची सामने आई, जिसमें दोनों लेफ्टिनेंट जनरल सहित सैन्यकर्मी और दो नागरिकों के नाम हैं। इसलिए शुरुआती रिपोर्टों में संख्या को लेकर भ्रम होना स्वाभाविक है; अंतिम आधिकारिक पहचान और सूची जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
क्या विमान TRACEP का था?
स्थानीय रिपोर्टों में दुर्घटनाग्रस्त विमान को TRACEP कंपनी का छोटा Let 410 बताया गया है। विमान की उड़ान और उसमें सवार लोगों की संख्या को लेकर भी शुरुआती सूचनाओं में अंतर रहा है। कुछ उपलब्ध विमानन संबंधी आंकड़ों में 16 लोगों, जिनमें चार चालक दल के सदस्य शामिल थे, का उल्लेख किया गया है
यही वजह है कि हादसे के तुरंत बाद जारी 13, 14 और बाद में 17 मृतकों के आंकड़ों को अलग-अलग रिपोर्ट किया गया।
हादसा या साजिश?
इस सवाल पर फिलहाल साजिश की पुष्टि करने वाला कोई विश्वसनीय सार्वजनिक प्रमाण सामने नहीं आया है। अधिकारियों ने दुर्घटना की परिस्थितियों और वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है। कांगो की सेना और प्रशासन ने दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए सुरक्षा तथा तकनीकी जांच टीमों को लगाया है। रिपोर्टों के मुताबिक दुर्घटनास्थल को सुरक्षित किया जा रहा है और जांच के लिए जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
महत्वपूर्ण बात यह है कि विमान में दो अत्यंत वरिष्ठ सैन्य न्यायिक अधिकारियों की मौजूदगी के कारण घटना ने विशेष ध्यान खींचा है, लेकिन सिर्फ उनकी मौजूदगी के आधार पर इसे साजिश कहना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, संचालन संबंधी समस्या, मौसम, मानवीय चूक या किसी अन्य कारण से हुई।
ब्लैक बॉक्स और जांच पर नजर
अधिकारियों के अनुसार हादसे के बाद जांच टीम को मौके पर भेजा गया है। प्रारंभिक रिपोर्ट के समय तक ब्लैक बॉक्स बरामद नहीं हुआ था, इसलिए विमान में तकनीकी समस्या किस प्रकार की थी और दुर्घटना से ठीक पहले चालक दल ने क्या कार्रवाई की, इसका आधिकारिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
फिलहाल उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इसे विमान दुर्घटना के रूप में ही रिपोर्ट किया जा सकता है। तकनीकी खराबी प्रारंभिक कारण के रूप में सामने आई है, जबकि साजिश की आशंका की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा।
