हिमाचल प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में अब विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीके से अंकों के बजाय ग्रेड दिए जाएंगे। नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी शिक्षा में मूल्यांकन प्रणाली को बदला गया है। एन-2022 पाठ्यक्रम के तहत शुरू की गई इस व्यवस्था में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि का आकलन सेमेस्टर स्तर पर एसजीपीए और पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद सीजीपीए के आधार पर किया जाएगा।



इस नई व्यवस्था के तहत जून 2026 में अपना डिप्लोमा पूरा करने वाले विद्यार्थियों को पहली बार ग्रेड आधारित डिप्लोमा जारी किए जाएंगे। तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला की ओर से इसके लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। विद्यार्थियों को मिलने वाले डिप्लोमा हाईटेक प्रणाली से लैस होंगे और इनमें पारंपरिक अंकों के स्थान पर ग्रेड और सीजीपीए का उल्लेख किया जाएगा।

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