हिमाचल प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में प्रशिक्षकों की भारी कमी ने तकनीकी शिक्षा की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कई संस्थानों में राष्ट्रीय व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीटी) के तहत संचालित ट्रेडों में प्रवेश तक बंद करना पड़ा। अब सरकार ने 120 सहायक अनुदेशक (असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर) पद भरने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे बंद पड़े ट्रेडों के दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है।
विधानसभा में विधायक नीरज नैय्यर के सवाल के जवाब में तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने स्वीकार किया कि प्रशिक्षकों और ट्रेनरों के रिक्त पदों के कारण कई आईटीआई में प्रशिक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई। अब इन पदों को भरने का प्रस्ताव मंत्रिमंडल से मंजूर हो चुका है और भर्ती प्रक्रिया जारी है।
महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान चंबा में ट्रेडों के विलय के कारण वर्ष 2026 में सिलाई तकनीक, कपड़ा निर्माण और एसओटी ट्रेड में प्रवेश नहीं दिया गया। सत्र 2026-27 के लिए इन ट्रेडों को एससीवीटी के तहत चलाने की मंजूरी राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद की शासी परिषद से नहीं मिल पाई, जिसके चलते प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।
महिला आईटीआई चंबा के आंकड़े भी तकनीकी शिक्षा की चुनौतियों की तस्वीर पेश करते हैं। वर्ष 2023 और 2024 में जहां कुल 80-80 प्रशिक्षुओं ने प्रवेश लिया, वहीं 2025 में यह संख्या घटकर 57 रह गई। ड्रेस मेकिंग, स्विंग टेक्नोलॉजी और एम्ब्रॉयडरी जैसे पारंपरिक ट्रेडों में सीटें खाली रहने लगी हैं।
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