कसौली क्लब में 15वें खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्ट (लिट फेस्ट) का आयोजन 23 से 25 अक्तूबर तक किया जाएगा। तीन दिवसीय आयोजन में इस बार इस्राइल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के साथ-साथ जेन जी से जुड़े मुद्दों पर भी गहन चर्चा होगी। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। देश-विदेश से साहित्यकार, बुद्धिजीवी, लेखक और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ इसमें भाग लेंगे। पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।


खुशवंत सिंह लिटफेस्ट समसामयिक और महत्वपूर्ण विषयों पर बेबाक चर्चा के लिए जाना जाता है। इस वर्ष मध्य पूर्व में जारी संघर्ष पर केंद्रित सत्र आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें भू-राजनीतिक विशेषज्ञों, लेखकों और विचारकों को आमंत्रित किया जा रहा है। विशेषज्ञ इस्राइल, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के संदर्भ, मौजूदा परिस्थितियों और इसके संभावित वैश्विक प्रभावों पर विचार रखेंगे। लिटफेस्ट का यह संस्करण बदलते वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य पर केंद्रित रहेगा।

वर्ष 2012 में खुशवंत सिंह की याद में बेटे ने की थी शुरुआत

लिटरेचर फेस्ट की शुरुआत वर्ष 2012 में खुशवंत सिंह की याद में उनके बेटे राहुल सिंह और उनके कुछ मित्रों ने की थी। तब से यह आयोजन देश-विदेश के चर्चित लेखकों और साहित्यकारों को एक मंच प्रदान करता रहा है। लिट फेस्ट में साहित्य के साथ सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर भी चर्चा होती है। खुशवंत सिंह का कसौली से गहरा लगाव था। वह कसौली को अपना दूसरा घर मानते थे। उनकी चर्चित कृति ट्रेन टू पाकिस्तान समेत कई रचनाओं का लेखन कसौली स्थित राज विला में हुआ। खुशवंत सिंह पत्रकार, लेखक, उपन्यासकार और इतिहासकार थे। उनका जन्म 2 फरवरी 1915 को हुआ था और 20 मार्च 2014 को उनका निधन हुआ। पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को व्यापक पहचान मिली। उन्हें पद्म भूषण (1974) और पद्म विभूषण (2007) से सम्मानित किया गया था।

Source: Read original article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed