हिमाचल के पुराने चीड़ के जंगल संकटग्रस्त गिद्धों के लिए जीवनदायी साबित हो रहे हैं। कांगड़ा में चार साल के अध्ययन में 553 पेड़ों पर 617 सक्रिय घोंसले मिले, जबकि करीब 80 फीसदी घोंसले 600 से 800 मीटर की ऊंचाई पर पाए गए। शोध ने साफ किया है कि बड़े और पुराने चीड़ के पेड़ों का संरक्षण गिद्धों की आबादी बचाने के लिए बेहद जरूरी है।

हिमाचल में गिद्धों पर अध्ययन।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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