हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के गगल हवाई अड्डे के विस्तार के लिए 3349 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना के लिए करीब 157 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्तावित है, जिसमें 26 हेक्टेयर सरकारी और 131 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। भूमि अधिग्रहण की पूरी प्रक्रिया मार्च 2027 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। एयरपोर्ट विस्तार से कुल 942 परिवार प्रभावित हुए हैं। विधानसभा में भाजपा विधायकों विपिन सिंह परमार, सुधीर शर्मा, पवन काजल और कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया के सवाल का लिखित जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक करीब 122 हेक्टेयर निजी भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
शेष नौ हेक्टेयर निजी और 26 हेक्टेयर सरकारी भूमि का अधिग्रहण जारी है। निजी भूमि अधिग्रहण के लिए 2579.22 करोड़ रुपये के अवाॅर्ड घोषित किए गए हैं। इनमें से 2283.77 करोड़ रुपये का भू-मुआवजा प्रभावित लोगों को वितरित किया जा चुका है, जबकि 295.45 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है। पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के तहत 395.87 करोड़ रुपये के अवाॅर्ड घोषित किए गए हैं। इनमें से 178.93 करोड़ रुपये लाभार्थियों को दिए जा चुके हैं, जबकि 216.94 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। सरकार ने प्रभावित परिवारों को फैक्टर-2 या प्रोजेक्ट वन कंपनसेशन जैसी विशेष मुआवजा नीति देने से इन्कार किया है। प्रभावितों को मुआवजा भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत निर्धारित बाजार मूल्य के आधार पर दिया जा रहा है।
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