ट्रांस हिमालय से जुड़े क्षेत्र में ग्लेशियरों के पिघलने से बन रहीं झीलें हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर तक नेपाल की तरह तबाही मचा सकती हैं। हिमाचल प्रदेश विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण परिषद के ताजा अध्ययन में अकेले सतलुज बेसिन में ही 2,292 ग्लेशियल झीलें सामने आई हैं। इनमें 1,335 चीन अधिकृत तिब्बत में हैं, जहां भारत का प्रत्यक्ष नियंत्रण नहीं होने पर निगरानी संभव नहीं है। इस अध्ययन में 470 झीलें स्पीति और 487 किन्नौर के खाब से नीचे हिमाचल प्रदेश में आने वाले सतलुज क्षेत्र में हैं। इनमें से 49 झीलें 10 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली हैं। सतलुज के अलावा चिनाब और रावी बेसिन के ग्लेशियरों में भी 373 झीलें हैं।
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