हिमाचल प्रदेश में हथियार लाइसेंस जारी करने और उसकी वैधता बढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी कड़ी कर दी है। अब जिला उपायुक्त अपने स्तर पर नया हथियार लाइसेंस जारी नहीं कर सकेंगे। नए लाइसेंस के लिए राज्य सरकार की पूर्व मंजूरी अनिवार्य होगी। वहीं, दूसरी ओर लाइसेंसधारी की मृत्यु समेत निर्धारित परिस्थितियों में कानूनी वारिस के नाम लाइसेंस हस्तांतरित करने के मामलों को सरकार के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे मामले नियमों के तहत जिला स्तर पर ही निपटाए जाएंगे। गृह विभाग की ओर से प्रदेश के सभी उपायुक्तों को जारी निर्देशों में हथियार लाइसेंस से जुड़े मामलों की प्रक्रिया स्पष्ट की है। आर्म्स रूल्स, 2016 के तहत नए लाइसेंस जारी करने से पहले राज्य सरकार की पूर्व अनुमति की व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।