नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर प्रदेश में सरकारी संस्थानों को बंद करने को लेकर तीखा हमला बोला। विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में जयराम ने मुख्यमंत्री को लॉकप्रिय बताते हुए कहा कि उन्हें तालाबंदी में सुकून मिलता है। आरोप लगाया कि सत्ता संभालने के पहले ही दिन सरकार ने बिना समीक्षा 1,000 से अधिक संस्थान बंद कर दिए और अब बंद किए गए संस्थानों का आंकड़ा 2,500 के पार पहुंच चुका है।
जयराम ने कहा कि सरकार अब संस्थान बंद करने के पीछे नीड बेस्ड असेसमेंट का तर्क दे रही है, लेकिन सवाल यह है कि मुख्यमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर ऐसा कौन सा सर्वे हो गया था, जिसके आधार पर इतने बड़े पैमाने पर संस्थान बंद करने का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा कि बाद में सरकार ने इनमें से 123 संस्थान दोबारा खोल दिए, जिससे पहले लिए गए फैसलों की समीक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं। नेता विपक्ष ने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार ने जो संस्थान खोले थे, वे स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग के आधार पर खोले गए थे। कांग्रेस सरकार नए संस्थान खोलने में सक्षम नहीं है, इसलिए उसने पहले से चल रहे संस्थानों को बंद करने को ही अपनी नीति बना लिया। एक शिक्षक वाले स्कूलों को बंद करने के सरकार के तर्क पर उन्होंने कहा कि अगर शिक्षक कम हैं तो भर्ती की जानी चाहिए, स्कूल बंद नहीं। विधानसभा में दिए जवाब के अनुसार प्रदेश में जेबीटी और टीजीटी के करीब 6,000 पद खाली हैं। वहीं, 3214 स्कूल ऐसे हैं. जहां केवल एक-एक शिक्षक तैनात है।
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