संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला।
Published by: Krishan Singh

Updated Wed, 09 Sep 2026 10:53 PM IST

आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और तीन साल तक के नन्हे बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार के कोटे में कटौती कर दी गई है।


Himachal: Cooking oil and sugar will no longer be provided at Anganwadi centers; nutritional supplies cut.

आंगनबाड़ी केंद्र(सांकेतिक)।
– फोटो : संवाद



विस्तार

हिमाचल प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और तीन साल तक के नन्हे बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार के कोटे में कटौती कर दी गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इन श्रेणियों के लाभार्थियों को मिलने वाले सरसों के तेल और शक्कर की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद कर दी है। नई व्यवस्था में अब केंद्रों में केवल तीन से छह वर्ष तक के नियमित आने वाले बच्चों के लिए ही शक्कर और सरसों के तेल में खाना पकाकर परोसा जाएगा। अचानक तेल और शक्कर का आवंटन रोके जाने से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं में पोषण आहार वितरण प्रणाली को लेकर भारी नाराजगी है। विभागीय नियमों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिये गर्भवती और धात्री महिलाओं और शिशुओं को कुपोषण से बचाने के लिए निर्धारित राशन सामग्री दी जाती है। कुछ समय पूर्व ही विभाग ने पोषण स्तर सुधारने के मकसद से सफेद चीनी की जगह देसी शक्कर देना शुरू किया था।


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