हिमाचल प्रदेश ग्रामीण बैंक में फर्जी परीक्षार्थी बैठाकर नौकरी हासिल करने के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। जांच की जिम्मेदारी पुलिस निरीक्षक कुलदीप चंद को सौंपी गई है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि भर्ती परीक्षा में असली अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर किसने बैठाए और फर्जीवाड़े में कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच में बिलासपुर और सोलन के परीक्षा केंद्र शामिल हैं। सीबीआई यहां तैनात इनविजिलेटरों, परीक्षा स्टाफ और बायोमीट्रिक कैप्चरिंग टीम की भूमिका खंगाल रही है। आईबीपीएस के बायोमीट्रिक पुनः सत्यापन में दो बैंक कर्मचारियों के बायोमीट्रिक और तस्वीरें परीक्षा रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रही हैं।
दोनों को बैंक ने फरवरी 2026 में बर्खास्त कर दिया था। एफआईआर में अज्ञात लोक सेवकों और निजी व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। सीबीआई डिजिटल रिकॉर्ड, सर्वर लॉग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालकर सॉल्वर गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क और संभावित अंदरूनी मिलीभगत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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