मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वित्तीय अनुशासन और बेहतर प्रबंधन के दम पर सरकार जल्द कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (डीए) जारी करेगी। उन्होंने एलान किया कि श्रेणी-1, 2 और 3 के पेंशनरों के लिए बेसिक पे से संबंधित शर्त हटाने के निर्देश दिए जाएंगे। शर्त के हटते ही पात्र पेंशनरों को संशोधित पेंशन के एरियर का 35 फीसदी भुगतान कर दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों के कुल बकाया का 57 प्रतिशत हिस्सा चुकता हो जाएगा।
रविवार को देहरा में मछुआरा सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने 800 मछुआरा परिवारों के खातों में 3500-3500 रुपये डाले। पात्र विस्थापितों को मकान बनाने के लिए सरकार जमीन देगी। 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को पूरे बकाये, लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वेतन बकाये के अतिरिक्त 20 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सरकारी कुर्सी पर बैठकर जनता के पैसे का दुरुपयोग करने वालों से पाई-पाई का हिसाब लिया जाएगा। भ्रष्टाचार से अर्जित अवैध संपत्तियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जब मुख्यमंत्री का पद संभाला, उस समय हिमाचल पर 76,707 करोड़ रुपये का कर्ज था। कर्मचारियों की करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारी भी पूर्व सरकार छोड़कर गई थी। भाजपा सरकार की ओर से लिए गए कर्ज की किस्तें चुकाने के लिए भी नया कर्ज लेना पड़ रहा है।
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