रामपुर बुशहर। सीटू समन्वय समिति रामपुर ने 1 दिसंबर 2026 को दिल्ली में प्रस्तावित मजदूर प्रतिरोध कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। समिति ने रामपुर क्षेत्र से बड़ी संख्या में मजदूरों को दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया है। संगठन का कहना है कि देशभर से मजदूर दिल्ली पहुंचकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे।
रामपुर में हुई सीटू समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता काम राज ने की, जबकि संयोजक नीलदत्त शर्मा ने दिल्ली कार्यक्रम को लेकर संगठनात्मक तैयारियों की रूपरेखा रखी। सीटू जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह और राज्य कमेटी सदस्य संजीव ने बताया कि संगठन की ओर से दिल्ली में कम से कम एक लाख वॉलंटियर्स को जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
सीटू नेताओं के अनुसार विभिन्न राज्यों से मजदूर 30 नवंबर तक दिल्ली पहुंचेंगे। 1 दिसंबर की सुबह करीब 10 बजे रामलीला मैदान से मार्च प्रस्तावित है। संगठन ने इसे मजदूरों के अधिकारों और विभिन्न श्रमिक मुद्दों को लेकर व्यापक प्रतिरोध कार्यक्रम बताया है।
श्रम संहिताओं समेत छह प्रमुख मुद्दे
सीटू ने चार श्रम संहिताओं को वापस लेने, श्रम सम्मेलनों की सिफारिशें लागू करने और स्कीम वर्कर्स को मजदूर का दर्जा देने की मांग उठाई है। संगठन ने स्कीम वर्कर्स के लिए न्यूनतम वेतन, EPF, ESI, ग्रेच्युटी समेत अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने की मांग भी रखी है।
इसके अलावा सभी भारतीय मजदूरों के लिए 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन, स्व-रोजगार करने वाले वर्कर्स के लिए इतनी ही न्यूनतम मासिक आय तथा 21 हजार रुपये सार्वभौमिक न्यूनतम पेंशन की मांग की गई है।
सरकारी, अर्ध-सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों में रिक्त पदों को भरने, लगातार चलने वाले काम में लगे ठेका एवं गैर-नियमित कर्मचारियों को नियमित करने और नियमितीकरण तक समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
सीटू ने कार्यस्थल पर श्रमिक सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने, दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, श्रमिकों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा तथा ट्रेड यूनियन गतिविधियों और हड़ताल से जुड़े लोकतांत्रिक अधिकारों के संरक्षण की मांग उठाई है।
इसके साथ ही जल, जंगल और जमीन पर लोगों के अधिकारों की रक्षा तथा विकास परियोजनाओं से प्रभावित और विस्थापित लोगों के लिए पुनर्वास, पुनर्स्थापन और रोजगार सुनिश्चित करने की मांग भी कार्यक्रम के एजेंडे में शामिल है।
हिमाचल में अभियान चलाने की तैयारी
सीटू नेताओं ने कहा कि दिल्ली कार्यक्रम को लेकर हिमाचल में भी व्यापक अभियान चलाया जाएगा। सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों के अलावा उद्योग, निर्माण, परिवहन, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, आंगनवाड़ी, मिड-डे मील, आशा, आउटसोर्स, ठेका और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों से संपर्क किया जाएगा।
समिति ने जिला कमेटियों, यूनियनों, इकाइयों और कार्यकर्ताओं से गांवों, पंचायतों, औद्योगिक क्षेत्रों और कार्यस्थलों तक अभियान पहुंचाने का आह्वान किया है। संगठन के मुताबिक रामपुर क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में मजदूर दिल्ली पहुंचेंगे।
सीटू ने प्रतिभागियों से 30 नवंबर की रात तक दिल्ली पहुंचने की अपील की है। संगठन की ओर से 3 दिसंबर की शाम से पहले वापसी की योजना न बनाने का भी आह्वान किया गया है।
