अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Sat, 29 Aug 2026 09:26 AM IST

हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियल झीलों को टाइम बम बना दिया है। ऊंचाई वाले संवेदनशील इलाकों में बर्फबारी की जगह बारिश और रेन-ऑन-स्नो जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे ग्लेशियल तेजी से पिघल रहे हैं और झीलों में पानी की मात्रा बढ़ रही है।


Climate Change: Himachal's Glacial Lakes Pose Major Threat; 88 Highly Vulnerable

यारपाबंग ग्लेशियल झील सांगला।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



विस्तार

जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान ने हिमालयी क्षेत्रों में ग्लेशियल झीलों के खतरे को और बढ़ा दिया है। ऊंचाई वाले संवेदनशील इलाकों में बर्फबारी की जगह बारिश और रेन-ऑन-स्नो जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे ग्लेशियल तेजी से पिघल रहे हैं और झीलों में पानी की मात्रा बढ़ रही है। कमजोर प्राकृतिक बांधों पर बढ़ते पानी के दबाव के साथ भारी बारिश, बादल फटना, भूस्खलन, हिमस्खलन, रॉकफॉल और भूकंपीय गतिविधियां और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड का खतरा बढ़ा रही हैं।


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