मां मैं सुरक्षित हूं, दूसरी नदी पर बन रही टनल में था तो बच गए। नेपाल में एक प्रोजेक्ट में काम कर रहे चंबा के सलूणी के युवक ने की व्हाट्सएप काॅल की तो परिजनों की सांस में सांस आई। कहा-यहां से 150 किमी दूर आपदा है। 24 पुराने और दो नए बन रहे बिजली प्रोजेक्ट बह गए हैं। बेटे की आवाज सुनते ही फकीजा बेगम और उसकी पत्नी बेबी की चिंता दूर हुई। नेपाल में बाढ़ से मची तबाही की खबरें देखकर सहमे परिवार को वीरवार रात करीब नौ बजे व्हाट्सएप कॉल पर सलमान खान उर्फ जानू की आवाज सुनाई दी तो उनकी सांस में सांस आई।

बुधवार से वीरवार रात तक बेटे से संपर्क न होने के कारण परिवार हर पल अनहोनी की आशंका से परेशान था।उपमंडल सलूणी की ग्राम पंचायत किलोड़ के त्रिभोल निवासी सलमान खान उर्फ जानू पिछले चार वर्षों से नेपाल में एक निजी जलविद्युत परियोजना में टरबाइन फिटिंग का काम कर रहा है। परिवार के मुताबिक वह साल में करीब दो माह के लिए घर आता है और बाकी समय नेपाल में काम करता है। सलमान के चाचा ताजदीन खान ने बताया कि जानू के पिता यूनिस मोहम्मद का निधन हो चुका है। परिवार में 55 वर्षीय मां फकीजा बेगम, पत्नी बेबी, 15 वर्षीय बेटी साहिबा, 12 वर्षीय बेटा असद और छोटा भाई आयाज हैं। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी मुख्य रूप से सलमान के कंधों पर है।

इसी कारण वह कई वर्षों से नेपाल में काम कर रहा है। चाचा के अनुसार सलमान ने फोन पर बताया कि जिस समय नेपाल में बाढ़ से तबाही मची, उस दौरान वह दूसरी नदी पर बन रही एक सुरंग में अन्य श्रमिकों के साथ काम कर रहा था। सुरंग के अंदर होने के कारण उन्हें घटना की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। रात को काम खत्म कर बाहर निकलने पर उन्हें तबाही का पता चला। सलमान ने बताया कि जिस झील में ग्लेशियर गिरा है, उसके आसपास दो और ग्लेशियर खतरे की जद में बताए जा रहे हैं। झील का पानी नेपाल, तिब्बत और चीन की ओर बहता है। बेटे के सुरक्षित होने की खबर मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली है। 

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