हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र की एक पंचायत में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मकान को हुए नुकसान का मुआवजा लेने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी महिला के साथ तत्कालीन पंचायत प्रधान, उपप्रधान, वार्ड पंच और पटवारी पर एफआईआर दर्ज की है। पांचों आरोपियों पर वर्ष 2023 में बरसात से मकान को हुए नुकसान के एवज में कथित तौर पर झूठे दस्तावेजों के आधार पर 4.50 लाख रुपये का मुआवजा लेने का आरोप है।
क्षेत्र के मदन लाल ने मामले को लेकर 18 अगस्त को पुलिस में शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार महिला के मकान के नुकसान के संबंध में सात लाख रुपये के मुआवजे के दस्तावेज तैयार किए गए थे, जिनमें से 4.50 लाख रुपये स्वीकृत हुए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह मुआवजा झूठे दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त किया गया। अब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसपी बैजनाथ संदीप शर्मा ने बताया कि आरोपों की जांच के बाद मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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