अमर उजाला नेटवर्क/संवाद, थुनाग (मंडी)।
Published by: Krishan Singh

Updated Thu, 20 Aug 2026 11:24 AM IST

 मंडी जिले में वन भूमि पर मटर की खेती के लिए ग्लाइफोसेट जैसे खतरनाक खरपतवारनाशक के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। आरोप है कि मटर बोने से पहले घास और दूसरी प्राकृतिक वनस्पतियों को खत्म करने के लिए इस रसायन का छिड़काव किया गया। 


Illegal pea cultivation is being carried out on forest land using hazardous chemicals; glyphosate has been use

खतरनाक रसायन डाल हो रही मटर की अवैध खेती(सांकेतिक)।
– फोटो : अमर उजाला प्रिंट



विस्तार

 हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में वन भूमि पर मटर की खेती के लिए ग्लाइफोसेट जैसे खतरनाक खरपतवारनाशक के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। आरोप है कि मटर बोने से पहले घास और दूसरी प्राकृतिक वनस्पतियों को खत्म करने के लिए इस रसायन का छिड़काव किया गया। पर्यावरणविदों ने इसे वन जैव विविधता, मिट्टी, जलस्रोतों और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया है। वन विभाग ने कुछ स्थानों पर ऐसी फसलें नष्ट कर दी हैं और जांच टीमें गठित कर जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई शुरू कर दी है। मंडी के नाचन वन मंडल की थाची और धारघाट रेंज में सामने आए मामलों को लेकर विभाग ने जांच तेज कर दी है। मंडी के डीएफओ एसएस कश्यप के अनुसार नियमित जांच और गश्त के दौरान वन भूमि पर इस तरह की खेती के मामले सामने आते रहते हैं। इस बार थाची से धारघाट क्षेत्र के बीच एक-दो स्थानों पर ऐसी गतिविधियां मिली हैं।


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