अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Wed, 19 Aug 2026 04:09 PM IST

राज्य सरकार ने प्रशासनिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि ताज मोहम्मद मामले और इससे जुड़े न्यायिक फैसलों के आधार पर आने वाले सभी मामलों की जांच और निर्णय संबंधित प्रशासनिक विभाग के स्तर पर सचिवालय में ही किए जाएंगे।


hp govt instructions regarding Judgment of High Court CWP No.3361 of 2025 and connected matters of Taj Mohamma

हिमाचल प्रदेश सरकार।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क



विस्तार

प्रदेश में कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और वित्तीय लाभों में अनुबंध सेवा अवधि को जोड़ने से जुड़े मामलों में अब फील्ड स्तर के अधिकारी स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकेंगे। राज्य सरकार ने प्रशासनिक आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि ताज मोहम्मद मामले और इससे जुड़े न्यायिक फैसलों के आधार पर आने वाले सभी मामलों की जांच और निर्णय संबंधित प्रशासनिक विभाग के स्तर पर सचिवालय में ही किए जाएंगे। बुधवार को कार्मिक विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा है कि हिमाचल प्रदेश भर्ती एवं सरकारी कर्मचारियों की सेवा शर्त अधिनियम-2024 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने 25 अप्रैल 2026 को रद्द कर दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) भी 29 जुलाई 2026 को खारिज हो चुकी है। ऐसे में न्यायालयों के फैसलों के संदर्भ में प्रशासनिक व्यवस्था को नए सिरे से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।




 

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