High Court said States that departments have failed to curb illegal construction and deforestation in Shimla

अदालत(सांकेतिक)।
– फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने राजधानी शिमला में कथित तौर पर नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे अवैध निर्माण और हरे पेड़ों के कटान के मामले में सख्त रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने विवादित स्थल पर सभी तरह के निर्माण कार्य तत्काल रोकने के आदेश दिए हैं। यह मामला शिमला शहर के बालुगंज और चक्कर के बीच चल रहे निर्माण कार्य से जुड़ा है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस, नगर निगम और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव की जांच रिपोर्ट और मौके की तस्वीरों के आधार पर अदालत के संज्ञान में लाया कि संबंधित अधिकारियों की ओर से कथित अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।


Source: Read original article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed